मातृ नवमी 2026 | दिवंगत माताओं को नमन | जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी
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आज रविवार, 4 अक्टूबर — मातृ नवमी! पितृ पक्ष का नौवां दिन, जो समर्पित है सभी दिवंगत माताओं को। परंपरा के अनुसार, आश्विन कृष्ण नवमी को मातृ नवमी मनाई जाती है — इस दिन श्राद्ध उन सभी माताओं के नाम किया जाता है, जो अब हमारे बीच नहीं हैं। तर्पण, पिंडदान और अन्नदान — ये सब मां के प्रति कृतज्ञता के भाव हैं। वाल्मीकि रामायण (युद्धकाण्ड) में श्रीराम कहते हैं — "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी" — जननी और जन्मभूमि स्वर्ग से भी बड़ी हैं। मनुस्मृति (2.145) कहती है — "सहस्रं तु पितॄन्माता गौरवेणातिरिच्यते" — सम्मान में मां एक हज़ार पिताओं से बढ़कर हैं। और भगवद्गीता (9.17) में श्रीकृष्ण कहते हैं — "पिताहमस्य जगतो माता" — मैं इस जगत की मां हूं। आज का छोटा संकल्प: दिवंगत मां की याद में किसी ज़रूरतमंद को भोजन कराइए; और अगर मां आपके साथ हैं, तो आज उन्हें समय दीजिए। याद ही सबसे बड़ा श्राद्ध है। 🙏 🙏 रोज़ ऐसी ही भक्ति भरी कहानियाँ पाने के लिए जुड़िए: 🌐 https://bhaktiverse.com ▶️ https://www.youtube.com/@MyBhaktiVerse
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