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युग बदला, गीता नहीं

पैरा खेल: भारत की स्वर्णिम शाम 🏅 | गीता 6.5 — आत्मा ही बंधु | युग बदला, गीता नहीं Ep 18 (India)

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21 अक्टूबर 2026 — एशियन पैरा गेम्स 2026 (आइची-नागोया), तीसरा दिन: डिफ़ेंडिंग चैंपियन प्रवीण कुमार ने पुरुषों की ऊँची कूद T44/64 में 2.05 मीटर की गेम्स रिकॉर्ड छलाँग के साथ स्वर्ण जीता (भारत 1-2, बांती को रजत); सचिन खिलारी ने पुरुषों की गोला फेंक F46 में 15.79 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता — पूरा मंच भारतीय (मोहम्मद यासिर रजत 15.06 मी., प्रवीण कांस्य 13.83 मी.); सिमरन ने महिलाओं की 100 मीटर T12 में 12.02 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ दूसरा स्वर्ण जीता (मंगलवार को 200 मी. स्वर्ण के बाद)। भारत कुल 62 पदकों (14 स्वर्ण, 22 रजत, 26 कांस्य) के साथ पाँचवें स्थान पर। (बताई गई रिपोर्टें; स्रोत: IANS, Latestly।) दुविधा: सीमा कहाँ है — शरीर में या सोच में? इन्होंने अपनी सोच की सीमा को पछाड़ दिया। इस एपिसोड में SarthiAI गीता के तीन सूत्र खोलता है: 1. गीता 6.5 — उद्धरेदात्मनात्मानं — स्वयं को स्वयं ही उठाओ; स्वयं ही सबसे बड़ा बंधु 2. गीता 6.6 — जीता मन मित्र, हारा मन शत्रु 3. गीता 3.20 — कर्म से ही सिद्धि — श्रेष्ठजन जैसा कर्म करते हैं, लोग उसी का अनुसरण करते हैं परिस्थितियाँ बदलती हैं — गीता नहीं 🙏 बहाने नहीं, कर्म — आज की यही प्रेरणा। 🌐 https://bhaktiverse.com 🔔 YouTube: https://www.youtube.com/@MyBhaktiVerse 📸 Instagram: @bhaktiverse.bharat 👍 Facebook: https://www.facebook.com/anitesh.shaw 💬 WhatsApp: https://chat.whatsapp.com/HK8CX1Y4eKgEiLlLhnuhER